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UPS का मतलब क्या है?

UPS का मतलब क्या है?

Last Updated on November 19, 2022 by Mani_Bnl

हम अक्सर कंप्यूटर के साथ ups को लगा देख कर ये सोचते है की UPS का मतलब क्या है? अगर आप भी इस सवाल का जबाब ढूंढ रहे तो ये पोस्ट आपके लिए ही है, यहाँ हमने यूपीएस के बारे में सभी बाते विस्तार से बताई है तो आइये जानते है की ups क्या है?

UPS का मतलब क्या है?

सबसे पहले तो आपको यह बता दे की UPS का Full Form uninterruptible power supply होता है |

इसका इस्तेमाल बिजली यानी power के कटाव को रोकने के लिए किया जाता है| हमने कई बार बड़े बड़े Workplace आदि में देखा होगा की UPS की मदद से वह पर 24 घंटो तक Electricity रहती है और Electricity चली जाने के बावजूद भी वह पर करंट मौजूद होता है यह इसलिए क्योंकि वह पर UPS का Use किया जाता है |

यूपीएस कितने प्रकार के होते हैं?

यूपीएस के मुख्य रूप से तीन प्रकार है.

  • Standby UPS.
  • Line Interactive UPS.
  • Online UPS

Standby UPS  को Offline UPS के नाम से भी जाना जाता है ये यूपीएस PC  यानि पर्सनल कंप्यूटर के लिए इस्तेमाल किये जाते है. इसमें आमतौर पर Power के चले जाने पर सिस्टम को पावर supply देने के लिए एक या एक से अधिक बैटरी लगी रहती है। बैटरी वोल्टेज बनाए रखने के लिए एक रेक्टिफायर, चार्जर  इसके साथ ही इनमें कंट्रोल सर्किट, सेंसर और मॉनिटर भी होते हैं. यूपीएस से प्राप्त पावर DC के रूप में होती है ।

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Line Interactive UPS:- 

Line Interactive UPS कम या ज्यादा वोल्टेज की स्थिति होने पर Automatic वोल्टेज को कंट्रोल करता है। इसके साथ ही ये बैटरी के लाइफ को भी सेफ करता है। Line Interactive UPS Power Spikes aur Surges को भी सुरक्षा प्रदान करता है ।ये यूपीएस उन अनुप्रयोगों के लिए बेहतर है जहां आप महत्वपूर्ण उपकरणों की सुरक्षा प्रदान करते है और उपयोगिता शक्ति काफी सही है. ये यूपीएस आमतौर पर एक छोटे ऑफिस के लिए भी सस्ते और उपयोगी है।

Online UPS:

Online UPS को Double Conversion UPS  के नाम से भी जानते है । ये सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला यूपीएस है। ये यूपीएस कई क्षेत्रों में स्टैंडबाय या लाइन इंटरएक्टिव यूपीएस से अलग है। इस प्रकार के यूपीएस पावर सप्लाई AC को DC  में और फिर वापस DC को AC में आसानी से Convert करते है। ये यूपीएस पावर ब्लैकआउट,  वोल्टेज सैग,  वोल्टेज सर्ज, ओवर से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए डिज़ाइन किए गए है। 

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UPS kaise कार्य करता है?

अब आपको बता दे की UPS सिर्फ एक या उससे अधिक BATTERY पर काम करता है | जी हां हमने देखा होगा की ट्रैक्टर आदि में जिस प्रकार की BATTERY होती है वैसे ही यूपीएस में भी पावर सप्लाई देने के लिए इस्तेमाल की जाती है |

दर असल होता यह है की हाई VOLTAGE BATTERY बिजली होने पर charge हो जाती है और फिर बिजली के चले जाने पर BATTERY से होकर UPS द्वारा current सप्लाई करती है और power supply देती है | 

UPS के ज़रिये बिजली न होने पर कई घंटो तक एक सिमित voltage के उपकरण इस्तेमाल किये जा सकते है जैसे की पंखे, बल्ब, टीवी, लाइट, कंप्यूटर, आदि |

UPS का खास महत्व बिजली जाने पर बिजली उब्लब्ध करना होता है इसका मुख्य रूप से इस्तेमाल Company के ऑफिस में किया जाता है जहा पर computer आदि पर घंटो काम किया जाता है. बिजली चले जाने पर वहां पर कर्मचारी परेशां हो जाते है क्योंकि उनके द्वारा किया गया काम (data) बिजली जाने पर खो सकता है इसलिए UPS की मदद डाटा को बचाया जा सकता है और मेहनत भी बच जाती है |

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UPS का बैकअप, पावर सप्लाई और UPS की कीमत:-

इसका इस्तेमाल कंप्यूटर को कुछ समय तक चलाए रखने के लिए किया जाता है ताकि हम अपने डेटा को सेव कर सकें और अपने कंप्यूटर को बंद कर सके इसलिए यूपीएस का बैकअप 10 से 15 मिनट या उससे थोड़ा बहुत ज्यादा होता है।

यूपीएस में पहले AC को DC में बदला जाता है जिससे कि बैटरी को चार्ज किया जा सके और फिर बैटरी से ही DC को AC में बदला जाता है जिससे कि हम अपने उपकरण को चला सके तो इस प्रकार यूपीएस में हर समय बैटरी से ही पावर ली जाती है इसीलिए जब कोई भी पावर कट होता है या वोल्टेज कम या ज्यादा होती है तो इसकी आउटपुट पर किसी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

यही अगर हम ups की कीमत की बात करे तो यह हमें 1500 से 3000 तक की कीमत में मिल जाएगा। 

 UPS के लाभ:-

  • बिजली की शोर्टेज होने पर यूपीएस निरंतर बिजली की आपूर्ति प्रदान करता है।
  • यूपीएस कंप्यूटर सिस्टम को पावर सर्जेस, स्पाइक्स और डिप्स से भी बचाता है।
  • यूपीएस जेनरेटर की तरह आवाज नहीं करता है।पावर ब्रेक के बाद यह तुरंत वैकल्पिक पावर पर स्विच हो जाता है।
  • यह आकार में छोटे हैं और छोटे स्थानों में स्थापित किए जा सकते हैं।
  • ये आकार में काफी सस्ते और आकर्षक होते हैं।निर्माता के आधार पर बैकअप समय कई मिनटों से लेकर घंटों तक भिन्न होता है।
  • ये अत्यधिक पोर्टेबल होते हैं और इन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है।
  • यूपीएस की स्थापना के लिए, किसी पेशेवर मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं है, घरेलू उपयोगकर्ता द्वारा आसानी से किया जा सकता है।
  • यूपीएस की बैटरी लगभग 2 से 5 साल की वारंटी में आती हैं साथ ही कम पैसों में ज्यादा बचत हो जाती है।

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UPS और इन्वर्टर में अंतर:- 

जैसा कि हम सभी जाते है, जिस वस्तु से हमे फायदे हुए है उनके नुकसान भी अवश्य ही उठाने पड़ते है।

  • यूपीएस बड़े अनुप्रयोगों को संभालने में असमर्थ है क्योंकि वे बैटरी पर चलते है, उनकी बैटरी जल्दी खराब हो जाती है।
  • पूरी तरह से चार्ज होने के लिए बैटरी को लंबे समय की आवश्यकता होती है।
  • एक बड़ी संस्था में हमें यूपीएस और इनवर्टर लगाने के लिए अलग जगह की जरूरत होती है।
  • यूपीएस की रखरखाव लागत अधिक है।स्टैंडबाय यूपीएस बहुत महंगा है और उन्हें उपलब्ध कराने के लिए धन की आवश्यकता है।

इस स्टैंडबाय यूपीएस की स्थापना लागत अधिक है। इन्वर्टर और UPS का इस्तेमाल बैकअप power supplies के रूप में किया जाता है.आज हम बिजली के उपकरणों पर पूरी तरह से निर्भर हैं जैसे की लाइट फ्रिज पंखे इत्यादि इनके बिना शायद हम 1 दिन भी नहीं रहते हर रोज किसी न किसी प्रकार के इलेक्ट्रिक उपकरण का इस्तेमाल हम करते हैं।

इन सभी उपकरणों को चलाने के लिए हमें बिजली की आवश्यकता होती है और यह बिजली हम पावर प्लांट से लेते हैं लेकिन पावर प्लांट से आने वाली बिजली हमें हर समय नहीं मिलती इसलिए हम जब पावर प्लांट की बिजली नहीं होती तब हमारी जरूरतों को पूरा करने के लिए हम इनवर्टर या

इनवर्टर का इस्तेमाल हम हमारे घर के हम सभी उपकरणों पर करते हैं जो कि AC सप्लाई से चलते हैं. लेकिन UPS का इस्तेमाल हम सिर्फ ऐसे उपकरण पर करते हैं जिन में किसी प्रकार का सॉफ्टवेयर इस्तेमाल होता हो और जिसमें हमें अपने DATA का खराब होने का खतरा हो जैसे कि कंप्यूटर ,प्रिंटर ,स्कैनर इत्यादि ।

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