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Rooted Device Meaning in Hindi | Android Root क्या है?

Rooted Device Meaning in Hindi | Android Root क्या है?

Last Updated on November 8, 2022 by Mani_Bnl

अगर आप अपने एंड्रॉइड डिवाइस को रुट करना चाहते है या किसी के मुँह से रुट के बारे सुना है और आपके मन में Rooted Device Meaning in Hindi | Android Root क्या है? जैसे सवाल आ रहे है तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े।

एंड्रॉइड कुछ गिने चुने ऑपरेटिंग सिस्टम में से एक काफी चर्चित और काफी यूजर फ्रेंडली ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसके कारन आजकल लगभग हरेक स्मार्टफोन निर्माता अपने स्मार्टफोन में ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में एंड्रॉइड को ही प्राथमिकता देते है।

ऑपरेटिंग सिस्टम हमारे हरेक डिवाइस का नर्व सिस्टम होता है जो उस डिवाइस को फुल्ली फंक्शनल बनाता है। आजकल एंड्रॉइड पहले से ज्यादा एडवांस हो चूका है और ढेरो फीचर्स के साथ आता है लेकिन अगर आप फिर मोबाइल रुट करना चाहते है तो आइये सबसे पहले जानते है Rooted Device Meaning in Hindi | Android Root क्या है? क्योकि बिना किसी जानकारी के कुछ करना नहीं चाहिए।

Android Root क्या है? (Rooted Device Meaning in Hindi)

Android Root आज से लगभग कुछ साल पहले ज्यादा प्रचलित था जब एंड्रॉइड फ़ोन अपने साथ ढेरो लिमिटेशन लेके आता था जैसे आप अपने एंड्रॉइड फ़ोन के स्क्रीन रिकॉर्ड नहीं कर सकते थे, wifi के पासवर्ड को क्रैक नहीं कर सकते कर सकते वैसे क्रैक अभी भी नहीं कर सकते इसके लिए आपको अभी भी रुट का सहारा लेना पड़ेगा।

Android Root का मतलब होता है अपने एंड्रॉइड डिवाइस के सभी पाबंदियों को हटा के अपने डिवाइस को डेवेलपर मोड में ले के जाना जहा आप बिना किसी रेस्ट्रिक्शन के अपने एंड्रॉइड डिवाइस के सभी फीचर्स का लुफ्त ले सकते है। अब आप के मन में ये आ रहा होगा की फ़ोन रेस्ट्रिक्शन लगाई क्यों जाती है ?

इसका जबाब ये है की एंड्रॉइड एक Linux based open source operating system है, जो मोस्टली हैकिंग और सेक्युरिटी में काम आता है, अगर आप थोड़ी सी टेक्नोलॉजी में माहिर तो इस operating system की मदद से वो काम भी कर सकते कर सकते है जो आम यूजर नहीं कर सकते और जिस काम की मनाही है।

आसान शब्दो में कहा जाये तो एंड्रॉइड रुट का मतलब है सिस्टम फाइल को एक्सेस करना, किसी भी डिवाइस में administrator और यूजर जैसे दो प्रोफाइल होते है जिसे आपने अपने कंप्यूटर में देखा होगा लेकिन स्मार्टफोन को उसके यूजर को सिर्फ एक ही मोड यानि की यूजर मोड में एक्सेस के साथ दिया जाता है। administrator मोड एक्सेस को Android Root कह सकते है।

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Android Root के फायदे :-

ऊपर की बातो से आप समझ ही गए होंगे की एंड्रॉइड रुट के कुछ अलग ही फायदे है जिन्हे हमने निचे और भी विस्तार पूर्वक से बताया है।

प्री इन्सटाल्ड ऍप को डिलीट कर पाना : जैसा की सभी एंड्रॉइड डिवाइस में देखा जाता है की काफी प्री इन्सटाल्ड ऍप आपके स्मार्टफोन में दिया जाता है चाहे वो एंड्रॉइड डेवलपर के तरफ से हो या आपके स्मार्टफोन निर्माता की तरफ से हो आप उसे बिना रुट के अनइंस्टाल नहीं कर सकते।

कस्टम ऍप और कस्टम फ़ॉन्ट्स का उपयोग : आम तौर पे आप एंड्रॉइड डिवाइस में कुछ कस्टम ऍप यानि की थर्ड पार्टी ऍप कुछ हद तक ही यूज़ कर सकते है, लेकिन रुट करने के बाद आप किसी भी थर्ड पार्टी ऍप को बिना किसी रोकटोक के इस्तमाल कर सकते है लेकिन ऐसा करना सेफ नहीं होता।

ऐसा ही फ़ोन के फ़ॉन्ट्स के साथ है बिना रुट के फ़ोन में आप कुछ गिने चुने फ़ॉन्ट्स को ही इस्तमाल कर सकते हो जो आपके फ़ोन में पहले से ही इनस्टॉल है, लेकिन रुट के बाद आप अपने मनपसंद के फ़ॉन्ट्स को इस्तमाल कर सकते है।

wi-fi क्रैकिंग :- डिवाइस रुट के बाद आप बड़े ही आसानी से wi-fi क्रैकिंग कर सकते है, और ये एक सबसे बड़ा कारण है की लोग अपने डिवाइस को रुट करते है। हलाकि ऐसा करना नहीं चाहिए।

ओवरआल डिवाइस के performace को बूस्ट कर सकते है :- डिवाइस को रुट करने के बाद आप कई सारे ऍप की मदद से अपने प्रोसेसर और बैटरी को ओवरक्लॉक की मदद से बूस्ट कर सकते है।

डिवाइस को Customize कर सकते है :- Android Root के बाद अपने डिवाइस में काफी हद तक चेंज कर सकते है, जैसे की आइकॉन चेंज करना फ़ॉन्ट्स चेंज करना।

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Android Root के नुकसान :-

फ़ोन की वारंटी का ख़त्म हो जाना :-

Android Root का सबसे बड़ा नुकसान है आपके फ़ोन की वारंटी  ख़त्म हो जाती है, अगर आपका फ़ोन वारंटी के अंडर है तो सोच समझ के ही रुट करे। है अगर आपका फ़ोन पुराना है तो आप बिना किसी झिझक के रुट कर सकते है।

फ़ोन का खराब हो जाना :-

अक्सर देखा गया है की रुट के वक्त कई फ़ोन डेड हो जाते है या उनका एंड्रॉइड करप्ट है जिसे ठीक करने में काफी खर्चा और काफी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए फ़ोन को रुट सोच समझ के ही करे।

अपडेट का बंद हो जाना :-

रुट के बाद आप अपने एंड्राइड के अपडेट से वंचित हो जाते है क्योकि अपडेट निर्माता अपने ऑफिसियल os में देती है, जिसके कारण आप के फ़ोन के हैक होने की संभावना बढ़ जाती है।

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Android device को Root कैसे करें ?

एंड्रॉइड फोन को रुट करने का सबसे प्रचलित तरीका है kingroot सॉफ्टवेयर के माध्यम से मोबाइल को रुट करना, आप kingroot सॉफ्टवेयर को इस लिंक के माध्यम से डाउनलोड कर सकते है।

kingroot सॉफ्टवेयर को यहाँ से डाउनलोड करे

सॉफ्टवेयर डाउनलोड के बाद इसको इनस्टॉल करे।

install करने के बाद आपको “root access unavailable” का status दिखेगा और ठीक उसी के निचे आपको “Get Now” का button भी दिखेगा जिसे आपने click करना है. click करने पर rooting चालू हो जायेगा।

इसके बाद आपने continue पे क्लिक करना है जिससे app का purify system download होने लगेगा और डाउनलोड होने के बाद आपका फ़ोन रुट हो जायेगा।

अगर आपको रुट करने में दिक्कत आती है तो आप यूट्यूब से भी हेल्प ले सकते है।

रूटेड फोन को अनरुट कैसे करे ?

रूटेड फोन को अनरुट करने के लिए आप अपने कंप्यूटर पे kingroot सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करे। यह तरीका तभी काम करेगा अगर आपने ऊपर दिए तरीके से फ़ोन को रुट करा है।

सॉफ्टवेयर डाउनलोड के बाद इसे इनस्टॉल करे। और अपने रूटेड फ़ोन को कंप्यूटर से कनेक्ट करे।

अब मोबाइल के सेटिंग में जाके usb Debugging को ऑन करे। जैसे ही आपका फ़ोन कनेक्ट होगा आपको रिमूव रुट का ऑप्शन दिखने लग जायेगा।

रिमूव रुट पे क्लिक करते ही आप रुट रिमूव होना स्टार्ट हो जाएगा ।

उम्मीद है को आप को इस आर्टिकल के माध्यम से Android Root से जुड़े अपने सभी सवालो का जबाब मिल गया होगा, अगर फिर भी आपके मन में कोई सवाल है तो आप कमेंट के माध्यम से हमसे पूछ सकते है।

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