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Meditation Kaise Kare? मेडिटेशन करते वक्त क्या ना करे?

Meditation Kaise Kare? मेडिटेशन करते वक्त क्या ना करे?

Last Updated on November 16, 2022 by Mani_Bnl

आजकल के इस भागदौड़ भरी लाइफ में लोगो को आमतौर पे काफी मानसिक और शारीरिक परेशानियों से झूझना पड़ता है, और लोगो के पास इतना समय नहीं है की वो ज्यादा समय दे gym में या वैलनेस सेण्टर में जिसके कारन लोगो का रुझान फिर से मैडिटेशन यानि की ध्यान के और जा रहा है।

और ये अच्छी बात है क्योकि मैडिटेशन न सिर्फ आपको आपके दिमाग को तंदुरुस्त रखती है साथ ही ये आपको शारीरिक परेशानियों से भी दूर रखती है, बस इसके लिए शर्त इतनी सी है की आपको पता होना चाहिए की Meditation Kaise Kare. क्योकि मैडिटेशन ही एकलौती ऐसी विधा है जो आपके मन और सरीर को शांत रखने में मदद करती है।

शांत मन ना सिर्फ मानसिक बीमारियों से आपको बचाता है साथ ही ये आपको कठिन से कठिन फैसले लेने में भी मदद करता है, तो आइये सबसे पहले जानते है की Meditation kya hai ?

Meditation kya hai?

Meditation यानि के ध्यान का मतलब है एकाग्रता एवं मन की शांति की मदद से आत्म चेतना और और आंतरिक शांति के चरम पे पहुंचना, अगर आसान भाषा में कहे तो अपने मन को किसी एक जगह एकाग्रचित करना आपने एक बात देखि होगी जब हम कोई काम कर रहे होते है तो हमारा मन कई बिपरीत दिशाओ में भटकता रहता है जिससे हम न तो अपने आप को स्थिर रख पाते है न ही कोई काम ढंग से हो पाता है।

जिससे हम काफी स्ट्रेस में रहने लग जाते है और ये स्ट्रेस कई बार डिप्रेशन का भी रूप ले लेता है। मैडिटेशन हमें हमारे मन को शांत रखना सिखाता है जिससे हमारी प्रोडक्टिविटी भी काफी बढ़ जाती है। साथ ही इसके कई और फायदे है जो निचे विस्तार पूर्वक जानेंगे।

सबसे पहले हम ये जानते है की Meditation Kaise Kare? क्योकि हरेक काम का कोई तरीका होता है तो आइये जानते है।

Meditation Kaise Kare?

सही तरीके से मैडिटेशन करने के लिए निचे दिए गए पॉइंट्स का अनुसरण करे।

1. शांत वातावरण का चुनाव करना

मैडिटेशन का सबसे पहला नियम है की उसके लिए शांत वातावरण हो, आप अपने घर के आसपास के गार्डन का इस्तमाल कर सकते है क्योकि वहाँ शोर शराबा ना के बराबर ही होगा, और जहाँ शोर न हो वहाँ आप बहुत ही अच्छे से ध्यान लगा सकते है, हमेशा कोशिस ये करे की जिस जगह आप मैडिटेशन करने वाले हो वो बाहरी बाधाओं से मुक्त हो ताकि जब भी आप ध्यानमग्न हो तो आपका ध्यान भंग न हो।

शांत वातावरण हमेशा आपके ध्यान को और ध्यान करने के तरीके को और भी बेहतर बनाने में आपकी मदद करेगा, साथ ही यह आपको प्रकृति से जुड़ने में ज्यादा मदद करेगा।

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2. पहरावे का आरामदेह होना

मैडिटेशन करने के लिए पहरावे का आरामदेह होना बहुत जरूरी होता है, क्योकि अगर आप टाइट या अनकम्फर्टेबले कपड़े पहन के ध्यान करने कोशिस करते हो तो आपको बहुत ही ज्यादा दिक्कत का सामना करना पद सकता है, आपका ध्यान बार बार अपने कपड़े पे जायेगा।

जिससे आपके ध्यान में खलल पड़ेगी, आप अपने आसपास के वातावरण और मौसम के अनुसार आरमदेहक कपड़े का चयन कर सकते है। हमेसा कोसिस करे की ध्यान करते वक्त आपके कपडे ढीले हो।

3. सही समय का चुनाव करना

मैडिटेशन के लिए सही समय का चुनाव करने का मतलब यह नहीं की आप यह है सही ध्यान करने का सबसे उत्तम 10 मिनट ध्यान करे या 20 मिनट इसका तात्यपर्य यह है की किस समय ध्यान करे। वैसे समय सुबह या शाम का समय उपयुक्त माना गया है ध्यान करने के लिए, क्योकि इस वक्त शांति और वातावरण का तापमान ध्यान के लिए अनुकूल होता है।

4. एक आरामदायक मुद्रा का चुनाव

अच्छे ध्यान के लिए ऊपर बातये गए पॉइंट्स के अलावा जरूरी है एक आरामदायक मुद्रा का चुनाव क्योकि मानसिक शांति को प्राप्त करने के लिए सबसे शारीरिक शांति अगर आप ध्यान करने बैठ गए और आपकी मुद्रा आरामदायक नहीं है जिससे कुछ ही देर में आपको दिक्कत महसुस होने लगेगी।

मैडिटेशन के लिए सबसे उपयुक्त मुद्रा है पद्मासन क्योकि ये आपको लम्बे समय तक स्थिर बैठने में मदद करती है, आप अपनी पसंद की मुद्रा भी अपना सकते है।

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5. ध्यान की शैलि का चुनाव करना

मैडिटेशन स्टार्ट करने से पहले आप अपनी पसंद के शैली का चुनाव कर ले, ध्यान के वैसी कई शैलियाँ है लेकिन मुख्यत तीन ऐसी शैलियाँ है जो ज्यादा प्रचलन में है वो है

  • श्वसन-ध्यान: इस ध्यान पद्द्ति में आप अपने सांसों के मदद से ध्यान केंद्रित करते है, ये उन लोगो के लिए परफेक्ट है जो अभी ध्यान लगाना सीख रहे है।
  • मंत्र-ध्यान: मंत्र-ध्यान ध्यान की दूसरी शैली है जिसमे आप अपने पसंद के किसी भी मंत्र से ध्यान लगाते हो, वो मंत्र कुछ भी हो सकता है यहाँ तक की एक शब्द भी।
  • अन्तःदर्शन ध्यान: अन्तःदर्शन ध्यान मैडिटेशन की काफी प्रचलित ध्यान पद्द्ति है इसमें आप अपने अन्तर्मन में किसी भी परिवेश का निर्माण करके ध्यान कर सकते है, हालाँकि ये एक्सपर्ट लोग ही कर सकते है इसलिए हम आज सिर्फ श्वसन-ध्यान के माध्यम से मैडिटेशन करना जानेंगे।

6. अब धीरे-धीरे गहरी लंबी सांस ले

श्वसन-ध्यान के लिए जरुरी है धीरे-धीरे गहरी लंबी सांस लेना इससे आपका मन इधर उधर नहीं भटकेगा साथ ही ये आपके शरीर को रिलैक्स रखने में भी मदद करता है जिसकी मदद से आप ध्यान के चरम पे पहुंच पाओगे। इसके अलावा इसकी मदद से आप मस्तिष्क और आँखों के बिच निंयत्रण रख सकते है जो ध्यान के बहुत उपयोगी है।

7. सांसों पर ध्यान केंद्रित करना

अब आप अपनी सांसो पे ध्यान केंद्रित करे बिना इस बात की चिंता के की सांसो का पैटर्न क्या है जरूरी नहीं की आपकी साँस एक जैसी हो बस ये जरुरी है की आपकी साँस लम्बी हो। साथ ही आप अपने मस्तिष्क और आँखों के बिच निंयत्रण बनाने का प्रयत्न करे। अगर ध्यान के बिच में मन भटक जाये तो घबड़ाने की कोई बात नहीं शुरुआत में यह होता है।

Meditation (ध्यान) Ke Fayde

ध्यान एक ऐसी दवाई है जो बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के कई रोगो पे असरदार है फिर चाहे वो रोग मानसिक हो या शारीरिक शायद इसलिए सभी अच्छे डॉक्टर अपने मरीज़ को ध्यान करने की सलाह देते है। तो आइये हम भी जानते है की Meditation (ध्यान) Ke Fayde क्या क्या है ?

  • मेडिटेशन तनाव कम करने में मददगार है।
  • नशा, से छुटकारा पाने में भी मदद करता है।
  • यह एकाग्रता बढ़ाने में कारगर है।
  • यह मन को शांत रखने में मददगार है।
  • अनिंद्रा (Insomnia) की बीमारी दूर होती है।
  • दिल का दौरा पड़ने का संभावना कम हो जाता है।
  • ब्लड प्रेसर को ठीक रखता है।
  • शुगर को कण्ट्रोल में रखता है।

उम्मीद करता हूँ की हमारे इस Meditation Kaise Kare? मेडिटेशन करते वक्त क्या ना करे? के आर्टिकल के माध्यम से आपको Meditation (ध्यान) से संबधित सभी प्रश्नो का उत्तर मिल गया होगा, इस आर्टिकल को जुडा से ज्यादा शेयर करे ताकि लोगो को ध्यान से सम्बंधित सभी जानकारी आसानी से मिल पाए।

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